2 सप्ताह पहले खत्म हुआ था उपाध्यक्ष का कार्यकाल

राजपुरा: राजपुरा नगर कौंसिल के उपाध्यक्ष पद का कार्यकाल समाप्त हुए दो सप्ताह बीत जाने के बाद भी पुराने इतिहास की तरह समय पर चुनाव नहीं हो पाया। इतना ही नहीं उपाध्यक्ष पद का चुनाव कब होगा इसको लेकर कोई भी नेता व अधिकारी स्टीक समय बताने के तैयार नहीं है। जानकारी के अनुसार 25 फरवरी 2105 के हुए नगर कौंसिल चुनाव में भारतीय जनता पार्टी के 11, शिरोमणि अकाली दल 9, कांग्रेस 4 और पांच कौंसलर आजाद तौर पर चुने गए थे लेकिन प्रधान पद को लेकर चली खींचतान के चलते अकाली- भाजपा के पास बहुमत होने के बाद भी 21 जुलाई 2015 को नगर कौंसिल प्रधान भाजपा के प्रवीन छाबड़ा, उपाध्यक्ष शिरोमणि अकाली दल गुरिंद्रपाल सिंह जोगा चुने गए थे। 20 जुलाई 2016 को जोगा का कार्यकाल समाप्त होने के चलते समय पर उपाध्यक्ष पद चुनाव नहीं हो पाया था। बताया जाता था कि उपाध्यक्ष पद को पाने के लिए अकाली दल के एक नेता के नाम पर सहमति नहीं बन पाने से चुनाव में देरी हो गई और आखिर 27 अगस्त 2016 को अकाली दल सिमरनजीत सिंह बिल्ला को उपाध्यक्ष चुन लिया गया, जिसका कार्यकाल समाप्त होने पर भी एक बार फिर से समय पर उपाध्यक्ष का चुनाव नहीं करवाया जा सका था। इस तरह अगस्त 2107 में सिमरनजीत सिंह बिल्ला कार्यकाल समाप्त होने तक राजनीति में बदलाव आ चुका था और पंजाब में कांग्रेस की सरकार सत्ता में आ चुकी थी। इस दौरान अकाली-भाजपा से संबंध रखने वाले कई कौंसलर कांग्रेस पार्टी का दामन थाम चुके थे, जिससे 17 नवंबर 2017 को भारतीय जनता पार्टी से कांग्रेस के पाले में जाने वाले अमनदीप सिंह नागी को उपाध्यक्ष बनाया गया। इस तरह नियमों के अनुसार समय रहते कौंसिल उपाध्यक्ष पद का चुनाव होना चाहिए थे, लेकिन इसके बाद भी फिर पुरानी पंरपरा दोहराती दिखाई दी और उपाध्यक्ष पद का चुनाव नहीं हो पाया लेकिन अब आने वाला समय बताएगा कि कौंसिल उपाध्यक्ष पद का चुनाव कब हो पाएगा। इस संबंधी नगर कौंसिल के कार्यकारी अधिकारी रवनीत सिंह ने बताया कि चुनाव को लेकर सरकार को लिखकर भेज दिया गया है।

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