जालंधर: पंजाब के जालंधर में मानवाधिकार संगठन के जिला प्रधान शशि शर्मा और उनके बेटे सार्थक सन्नी पर 12 हथियारबंद हमलावरों ने उस समय हमला कर दिया, जब वह बस स्टैंड के पास अपने कार्यालय में बैठे हुए थे। हमलावरों के पास धारदार हथियारों के अलावा रिवाल्वर भी थी। घटना मंगलवार दोपहर करीब एक बजे घटी। घायलों को स्थानीय ग्लोबल अस्पताल में भर्ती करवाया गया, जहां उनकी हालत गंभीर बनी हुई है। सूचना पाकर डीसीपी गुरमीत सिंह समेत कई पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे। प्राथमिक जानकारी के मुताबिक हमला प्रापर्टी विवाद को लेकर हुआ है। पुलिस मोबाइल टॉवर के डंप की तलाश कर रही है। पुलिस ने सीसीटीवी कैमरों की रिकार्डिंग को कब्जे में ले लिया है, जिसमें हमलावरों की तस्वीरें साफ दिख रही है।

शशि शर्मा के निकटवर्ती विपिन सभ्रवाल ने बताया कि बस स्टैंड के पास स्थित उनके कार्यालय के बगल में दुकानों का विवाद चल रहा है। मंगलवार सुबह दो-तीन लोग मौके पर आए थे और उन्होंने कब्जा लेने का प्रयास किया, जिसको लेकर मारपीट हुई थी।

दूसरे पक्ष के बलदेव सिंह ने मौके पर ही राजीनामा कर लिया था, जिसको थाने में भेज दिया गया था। आईसीयू में भर्ती शशि शर्मा ने बताया कि इस घटना के करीब डेढ़ घंटे बाद वह अपने कार्यालय में बेटे सार्थक सन्नी के साथ बैठे हुए थे। करीब 12 हमलावर भीतर घुसे और आते ही उनके सरकारी गनर की गन छीनकर उन्हें बंधक बना लिया। इसके बाद हमलावरों ने धारदार हथियारों से उन पर वार करना शुरू कर दिया।

उन्होंने विरोध किया तो एक हमलावर ने बेटे पर रिवाल्वर तान दी। यह देखकर उन्होंने हमलावरों का विरोध बंद कर दिया। हमलावर दातर और किरपाणों से उन पर हमला करते रहे। चीखों-पुकार सुनकर आसपास के लोग मौके पर आए तो हमलावर फरार हो गए। शशि शर्मा के बेटे सन्नी के सिर और हाथ पर हथियारों से वार किए गए हैं, जिससे उनका बायां हाथ पूरी तरह से कट गया है।

डॉ. नवजोत दहिया के मुताबिक, शशि शर्मा के शरीर पर गहरे हथियारों के 17 घाव हैं, जिसमें सबसे अधिक असर बायीं आंख पर हुआ है। सिर और होंठों के तीन गहरे जख्म के अलावा दोनों टांगों पर काफी गहरे जख्म है। डीसीपी गुरमीत सिंह का कहना है कि पुलिस जांच कर रही है। किसी को बख्शा नहीं जाएगा।

जिला मानवाधिकार संगठन के प्रधान शशि शर्मा की जान को खतरा है, इसी कारण पंजाब सरकार की तरफ से उनको सुरक्षा मुहैया करवाई गई है। उनकी सुरक्षा में पंजाब पुलिस का मुलाजिम पलविंदर सिंह तैनात है। पलविंदर सिंह ने बताया कि वह कार्यालय में केबिन के बाहर बैठा था। अचानक हथियारों से लैस लोग भीतर आ गए। चार लोगों ने उसको पकड़ लिया और एक ने उसकी गन छीन ली। इसके बाद हमलावर केबिन में चले गए। शशि शर्मा के बेटे सार्थक सन्नी ने बताया कि हमलावर उसे गोली मारने लगे थे लेकिन पिता ने इसका आभास होते ही खुद को आगे कर दिया और हमलावरों ने उन पर तेजधार हथियार से हमला कर दिया।

उसने रिवाल्वरधारी युवक का विरोध किया तो हमलावरों ने उसके हाथ पर दातर मारे। सब कुछ पांच मिनट में ही हुआ। हमलावरों का रुख इतना आक्रामक था कि कुछ समझ में ही नहीं आया। जाते-जाते हमलावरों ने गनर पलविंदर की छिनी हुई गन फेंक दी और फरार हो गए। कमिश्नर पुलिस गुरप्रीत भुल्लर ने कई टीमों का गठन किया है और आरोपियों की तलाश में छापेमारी शुरू कर दी गई है। पुलिस की टीमों का एक दस्ता लुधियाना भी रवाना किया गया है।

शशि शर्मा लुधियाना के प्रसिद्ध लल्ला हत्याकांड में मुख्य गवाह हैं। वहीं अमृतसर के सिटी सेक्स स्कैंडल को बेनकाब करने में भी उनकी सराहनीय भूमिका रही है। इसके अलावा जालंधर में बच्चा बेचने वाले चिकित्सकों का भंडाफोड़ होने के मामले में शशि शर्मा की गवाही होनी बाकी है।

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