दीवाली पूजन का शुभ समय सायंकाल   रात्रि 19.10 से 22.30 तक रहेगा जिसमें दीपदान, महालक्ष्मी, गणेश पूजन, बही खाता पूजन, धर्म तथा गृहस्थलों , व्यापारिक सस्थानों में दीप प्रज्जवलन, परिचितों या आश्रितों को भेंट अथवा मिष्ठान आदि वितरण का...
15486जब भी हमारे हिन्दू पर्व आते हैं अक्सर मत मतांतर हो सकते हैं परंतु यह धर्म बहुत ही विशाल है और सदा तर्क तथा वैज्ञानिक आधार पर टिका है। देश काल तथा पात्र अनुसार समय समय पर इसमें परिवर्तन...
आचार्य चन्दनाजी जैनधर्म में दीक्षित पहली जैन आचार्य है, जिन्होंने धर्म को नया परिवेश एवं आयाम दिया है, धर्म को रूढ़ता एवं पारम्परिकता से बाहर निकाल कर सेवा, शिक्षा, संस्कार, साहित्य के आयाम दिये हैं। उनके पुरुषार्थ की प्रभावी प्रस्तुति...
अधिकतर कृष्ण जन्माष्टमी दो अलग-अलग दिनों पर हो जाती है. जब-जब ऐसा होता है, तब पहले दिन वाली जन्माष्टमी स्मार्त सम्प्रदाय के लोगों के लिए और दूसरेदिन वाली जन्माष्टमी वैष्णव सम्प्रदाय के लोगों के लिए होती है. जो कि इस वर्ष भी 2 दिन पड़ रही है. जिसमे प्रथम दिन अर्थात 2 सितम्बर को स्मार्त की होगी और 3सितम्बर को वैष्णव संप्रदाय की मनाई जाएगी. पुराणों के अनुसार  भगवान कृष्ण का जन्म भाद्रकृष्ण अष्टमी तिथि बुधवार , रोहिणी नक्षत्र व बृष राशि में अभिजीत मुहूर्त के अधीन हुआ है। ज्योतिषीय योगों के अनुसार यह एक दुर्लभ संयोग होता है, इसीलिए भगवान कृष्ण पूरे संसार...
राखी  श्रावण मास की पूर्णिमा के दिन ही आती है। 25 अगस्त को दोपहर 3 बजकर 16 मिनट से पूर्णिमा तिथि शुरू हो जाएगी जो 26 अगस्त की शाम 5 बजकर 25मिनट तक रहेगी। इस बार रक्षाबंधन पर  कुंभ राशि  एवं  धनिष्ठा नक्षत्र रहेगा और पंचक प्रारम्भ हो जाएगा लेकिन...
सती ने भगवान राम की परीक्षा ले ली। राम ने पहचान लिया कि आप तो सती हैं। भगवती हैं। सती अपने किए पर बहुत पछतायीं। तब उनको लगा कि शंकर जी ने उनको क्यों मना किया था कि राम...
नई दिल्ली : अधिकतर लोग अपने घर में सजावटी पौधे लगाते हैं। घर में साज सज्जा का ध्यान रखना तो जरूरी है लेकिन वास्तुशास्त्र के अनुसार कुछ पौधे ऐसे होते हैं जो वास्तु के अनुसार आपको लाभ देते हैं। ऐसा...
मेरठ : ग्रहण के समय नकारात्मक शक्तियां हावी रहती हैं। इसलिए ग्रहण के समय कई सावधानियां बरतनी चाहिए। कहा जाता है कि ग्रहण के समय किसी भी सुनसान जगह या श्मशान न जाएं। घर में बने पूजास्थल को भी...
मेरठ : विवाह रेखा व्‍यक्‍ति के वैवाहिक जीवन के बारे में बताती है। विवाह रेखा की बनावट, प्रकार, उसका आगे बढ़ना, सभी वैवाहिक जीवन को प्रभावित करता है। विवाह रेखा सबसे छोटी उंगली के नीचे होती है। हाथ में विवाह...
मेरठ : जिन लोगों के अंगूठे का पहला पोर लम्बा होता है। वे लोग आत्‍मविश्‍वास से भरे होते हैं। वे अपना मार्गदर्शन खुद करने के साथ ही काफी जागरुक रहते हैं। हालांकि हथेली से जुड़ा यह पोर कुछ ज्‍यादा...

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