सीसी फ्लोरिंग से जमीन में नहीं जा पाता पानी, शहर में कायम होगी ग्रीनरी : ई.ओ.

ख़बर सीनियर पत्रकार सुदेश तनेजा के माध्यम से

राजपुरा: समाज सेवी संस्थाओं द्वारा इलाके को हरा-भरा बनाने के लिए चलाई जा रही पौधारोपण की मुहिम के दावों की उस वक्त हवा निकलनी शुरू हो गई जब नगर कौंसिल की तरफ से शहर की गलियों और मुख्य सड़कों के फुटपाथ बनाने पर कंकरीट, सीसी फ्लोरिंग व इंटरलाकिंग टायलों से युद्व स्तर पर कार्य तो कर दिया गया है लेकिन इससे जहां पर्यावरण को नुक्सान पहुंच रहा है वहीं रास्ते में आने वाले पेड़ों की भी बलि दी जा रही है, दूसरी तरफ उक्त निर्माण से भूजल स्तर भी गिरना शुरू हो गया है क्योंकि कंकरीट के कारण बरसात का पानी जमीन के अंदर नहीं जा सकेगा। इसलिए कई राज्यों ने कंकरीट से गलियों और फुटपाथ बनाने पर प्रतिबंध लगा दिया है जबकि पंजाब में अभी भी जारी है।

राजपुरा नगर कौंसिल ने कस्बे को साफ-सुथरा बनाने के लिए युद्ध स्तर पर विकास के कार्य करवाए जा रहे है, इसके लिए सीसी फ्लोरिंग व कंकरीट से जो सड़कें बनवाई जा रही हैं, उससे शहर में हरियाली को समाप्त किया जा रहा है। वहीं अब मुख्य सड़कों के किनारे पक्के फुटपाथ बनवाकर बची हुई कच्ची जगह को समाप्त किया जा रहा है, इससे जहां फुटपाथ बनने से सड़कों की चौड़ाई कम हो रही है, वहीं पर्यावरण को भी गंभीर खतरा उत्पन्न हो गया है। रोड गलियां बंद हो जाने से पानी की निकासी नहीं हो पाती और बारिश होने पर पूरा इलाका झील में तबदील हो जाता है। इलाके को हरा भरा बनाने के लिए धार्मिक, राजनितिक व समाज सेवी संस्थाओं ने इलाके में हजारों की संख्या में पौधे लगाए हैं और लगाए जा रहे हैं लेकिन गलियां पक्की हो जाने से जहां पहले लगे पौधे उखाड़े जा रहे हैं। वहीं गलियां पक्की होने से मोहल्लों में पौधे लगाने की जगह नहीं बची है।

क्या कहते हैं ई.ओ. : ई.ओ. रवनीत सिंह का कहना है कि जो फुटपाथ नगर कौंसिल की तरफ से बनाए जा रहे हैं, उसमें वृक्षारोपण के लिए जगह रखी गई है इसके लिए बकायदा मेरी नगर कौंसिल के पदाधिकारियों से बातचीत हो चुकी है। कंकरीट के फुटपाथों में वृक्षों को कैसे पानी मिलेगा इस प्रश्न के उतर में उन्होंने कहा कि इसके लिए वह जांच करेंगे और जुलाई महीने में लगने वाले वृक्षों का शुभारंभ फुटपाथों से करेंगे। उसके बाद ही कुछ बताया जा सकता है।

क्या कहते हैं पार्षद व समाज सेवी
राष्ट्रभाषा समिति के प्रधान कमल वर्मा का कहना है कि इलाके में फुटपाथ बनवाने के नाम पर कौंसिल जहां करोड़ों रुपए खर्च कर रही है लेकिन वृक्षारोपण करने वाली संस्थाओं की आशाओं पर पानी फेर रही है। कौंसिल द्वारा शहर में फुटपाथ आदि बनाने से अच्छा है शहर में वृक्ष लगाए जाते, जिससे पर्यावरण की रक्षा हो पाती। वहीं श्री गीता चिंतन मिशन के अध्यक्ष शत्रुघ्न गुप्ता ने सीसी फ्लोरिंग से फुटपाथ निर्माण को गलत बताते हुए कहा कि सड़क किनारे जगह न बचने से पर्यावरण के लिए गंभीर खतरा पैदा हो सकता है, जिससे न तो वृक्षों की ग्रोथ बढ़ेगी और न ही पर्यावरण की रक्षा हो पाएगी। इसके लिए वह नगर कौंसिल के पदाधिकारियों से बातचीत करेंगे।

यह कहते हैं नगर कौंसिल के प्रधान
प्रधान नरेन्द्र शास्त्री का कहना है कि सड़क किनारे जहां मकान या दुकान नहीं हैं और गंदगी पड़ी रहती है, वहां फु टपाथ बनाए जा रहे हैं। इलाके को हरा-भरा रखने के लिए हर 20 फुट पर एक पौधा लगाया जा रहा है। इलाके में पर्यावरण की रक्षा के लिए जहां कौंसिल की तरफ से वृक्षारोपण किया जा रहा है, वहीं समाज सेवी संस्थाओं को भी कौंसिल की तरफ से पूरा सहयोग दिया जा रहा है ताकि ज्यादा ज्यादा संख्या में पौधे लगाए जा सकें।

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