राजपुरा (बलजिंदर सिंह): राजनितिक सुझवानों के अनुसार मौजूदा समय में पटियाला लोकसभा सीट को लेकर मुख्य मुकाबला अकाली दल और भारतीय जनता पार्टी के सांझे उम्मीदवार स.सुरजीत सिंह रखड़ा, जिनका चुनाव निशान तगड़ी है और अपना पंजाब पार्टी के डा. धर्मवीर गांधी, जिनका चुनाव निशान माईक है, के बीच होता नज़र आ रहा है। कांग्रेस पार्टी की तरफ से पंजे के निशान पर चुनाव लड़ रही महारानी परनीत कौर जोकि ज़िला पटियाला से कई बार सांसद रह चुकी हैं, मौजूदा समय में पिछड़ती नज़र आ रही हैं। बहुत हैरानी की बात है कि कुछ दिन पहले नंबर एक से अपनी राजनितिक पारी की शुरुआत करने वाली महारानी परनीत कौर का काफ़िला उस समय रेस से बाहर होने लगा, जब मौजूदा सरकार के कुछ विधायकों की तरफ से सत्ता के नशे में’ गरीब पीड़ीत और निर्दोष लोगों के दमन के किस्से बाहर आने लगे और हक सच्च की आवाज़ दबाने के लिए गरीब बेसहारों पर ज़ुल्म और अत्याचार किये गए। जुल्म करने वाले विधायक और उनके साथियों द्वारा सताए हजारों की संख्या में लोगों और कांग्रेस पार्टी वर्करों ने अपनी ही पार्टी के विधायको की ज़मीनी वास्तविकता बयान की और बग़ावत का ऐलान कर दिया।

यहाँ ही बस नहीं हक सच्च की आवाज़ बुलंद करने वाले देश की डेमोक्रेसी के चौथे स्तम्भ कहलाये जाने वाले पत्रकार भाईचारे की आवाज़ को दबाने के लिए भी कोशिश की। जिसका विरोध पूरे पंजाब के पत्रकार भाईचारे ने किया। इन हालातों को देखकर जनता अपने आने वाले भविष्य से सचेत हो गई। सरेआम हो रही धक्केशाही, तकलीफ़ों और दर्दों की सुलगती आग से उठती लपटों के धुए के साथ आसमान काला हो गया, पटियाला ज़िले के महलों की ओर चलने वाली ठंडी शीत हवाएं अब जहरीली होने लग गई। अगर समय रहते ही महलों वालों की तरफ से दर्दों से चिलाती जनता की तकलीफों की तरफ ध्यान न दिया गया। तो इसके बुरे नतीजे सामने आ सकते हैं।

अकाली भाजपा युद्ध स्तर पर प्रचार और प्रसार करने में लगी हुई है, भारतीय जनता पार्टी की नेशनल टीम प्रचार के लिए पंजाब पहुंच चुकी है। जिसका सीधा फ़ायदा स. सुरजीत सिंह रखड़ा को मिलेगा। इसके साथ ही देश में नरिन्दर मोदी को एक बार फिर से प्रधानमंत्री बनाने की लहर का भी रखड़ा को फ़ायदा मिल सकता है। 

डा. धर्मवीर गांधी और उनकी टीम भी युद्ध स्तर पर प्रचार प्रसार करने में लगी हुई है। उनकी टीम की तरफ से ज़्यादा मेहनत चुनाव निशान की तरफ वोटरों को जागरूक करवाने के लिए की जा रही है।

नीना मित्तल को गांधी की तरफ से पहले किये पार्टी प्रचार और लोगों को प्रचारे गए सिंबल का फ़ायदा मिल सकता है। इस समय इलाके के लोग बहुत अनिश्चितता में हैं कि वह वोट किसको दें? अब हालात यह बन चुके हैं कि मुर्ग़ी दाना कहीं ओर से खायेगी और अंडे कहीं ओर ही देगी।

अब देखना यह है कि जनता किसके हक में अपना फ़ैसला सुनाती है और किसको पटियाला से सांसद चुनती है?

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