देश: पूर्व केंद्रीय मंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता वीरप्पा मोइली ने वायुसेना के प्रमुख बीएस धनोआ पर झूठ बोलने और सच्चाई को दबाने का आरोप लगाया है. मोइली का यह बयान धनोआ की उस टिप्पणी के एक दिन बाद आया है जिसमें उन्होंने कहा था कि राफेल एक गेम चेंजर विमान है और सौदे को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने बेहद अच्छा निर्णय दिया है. वायुसेना प्रमुख के इस बयान पर मोइली की इस टिप्पणी से विवाद खड़ा हो गया है.

गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में न्यायालय की निगरानी में राफेल सौदे की जांच संबंधी सभी याचिकाओं को खारिज कर दिया था. जोधपुर में मीडिया को संबोधित करते हुए बुधवार को वायुसेना प्रमुख ने राफेल लड़ाकू विमान को गेम चेंजर बताया था.

साथ ही उन्होंने यह भी कहा था कि वो अदालत के निर्णय पर कोई टिप्पणी नहीं करेंगे लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने बहुत अच्छा निर्णय दिया है. क्योंकि हमें इस विमान की बहुत जरूरत थी.

वहीं गुरुवार को पूर्व केंद्रीय मंत्री वीरप्पा मोइली ने कहा कि सरकारी रिकॉर्ड के मुकाबिक रक्षा मंत्रालय और वायुसेना प्रमुख चाहते थे कि इस सौदे में हिंदुस्तान एयरोनॉटिकल लिमिटेड (HAL) को शामिल किया जाए. उन्होंने कहा कि उस समय वायुसेना प्रमुख दसॉल्ट के प्रतिनिधियों के साथ हिंदुस्तान एयरोनॉटिकल लिमिटेड गए थे और उन्होंने पाया था कि HAL विमान बनाने में सक्षम और विशेषज्ञ है. मेरा मानना है कि वायुसेना प्रमुख ठीक नहीं है, वे झूठ बोल रहे हैं, वे सच्चाई को दबा रहे हैं.

वीरप्पा मोइली के इस बयान के बाद बीजेपी के नेताओं ने उनपर निशाना साधा. बीजेपी आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय ने अपने ट्वीट में लिखा कि कांग्रेस के वीरप्पा मोइली ने वायुसेना प्रमुख को झूठा कहा है, क्योंकि उन्होंने कहा था कि भारत को राफेल जेट की जरूरत है. अब उन्होंने (कांग्रेस) सुप्रीम कोर्ट, भारत सरकार, रक्षा मंत्री और मंत्रालय, फ्रांस सरकार, फ्रांस के राष्ट्रपति और दसॉल्ट के सीईओ को झूठा कहा है. सिर्फ कांग्रेस ही सच की पैरोकार है?

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