राजपुरा : अपना घर बार छोड़ कर पंजाबी माँ-बोली की सेवा करने का सौभाग्य भी किसी किसी को प्राप्त होता है। खास कर जब पंजाबी की डब्ल एम.ए. करके दो बार टैंट टैस्ट के पास करके भी नौकरी न मिली तो इस भाई ने अपने घर ही बच्चों को पढानेे के लिए मजबूर होना पड़ा और फिर पंजाबी मातृभाषा की सेवा में ऐसा डूबा की पूरे पंजाब में मातृभाषा पंजाबी के अदब सत्कार के लिए साइकिल यात्रा से 2800 किलोमीटर छान मारे, यह नौजवान तजिन्दर सिंह खालसा मानसा से सबंध रखता है जो आज अपनी साइकिल यात्रा के आखरी दिन पटियाला जाते हुए राजपुरा में पहुँचे और इन्होंने जानकारी देते हुये बताया कि कैसे इन्होंने अपने सफर के दौरान अलग अलग स्कूलों में जा कर बच्चों को सुंदर पंजाबी लिखने के गुर बताए और सबको पंजाब में पंजाबी भाषा को मान सत्कार देने के लिए मुहिम चलाई। ऐसी सखशियत जो निरस्वार्थ मातृभाषा की सेवा कर रही है ऐसे भाई तजिन्दर सिंह खालसा का राजपुरा में पहुँचने पर आल पेरेंट्स एसोसिएशन के प्रधान गुरप्रीत सिंह धमोली, बंटी सिंह खानपुर, गुरजीत सिंह बिट्टू, रवीन्द्र पाल सिंह बिंद्रा, बलजिन्दर सिंह संधू की तरफ से सिरोपा डाल का उनका सम्मान व कर स्वागत किया गया और उनके इस कदम की भरपूर सराहना की गई।

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