मेरठ : जिन लोगों के अंगूठे का पहला पोर लम्बा होता है। वे लोग आत्‍मविश्‍वास से भरे होते हैं। वे अपना मार्गदर्शन खुद करने के साथ ही काफी जागरुक रहते हैं। हालांकि हथेली से जुड़ा यह पोर कुछ ज्‍यादा ही लंबा है तो इसका मतलब है कि यह व्‍यक्‍ति कुछ अलग होगा। जिन लोगों का पहला पोर छोटा होता है वे लोग दूसरों पर निर्भर रहते हैं। वे हर काम दूसरों की सलाह से ही करते हैं। जिन लोगों का पहला पोर चौड़ाई में बना होता है वे जिद्दी होते हैं। इतना ही नहीं जिनके पहले पोर की बनावट समकोण में है वे बेहद शातिर हैं। वे दिमाग से काफी चालाक होते हैं।

यदि अंगूठे का दूसरा भाग लम्बाई में बना हो तो इसका मतलब है कि ये लोग काफी चालाक होंगे। ऐसे लोग सामाजिक कार्यों में एक्‍टिव रहते हैं। वे मिलनसार होते हैं। जिन लोगों के अंगूठे का ये दूसरा पोर छोटा होता है वे दिमाग से ज्‍यादा नहीं सोचते। इससे उन्‍हें कई बार धोखा और नुकसान मिलता है। जिन लोगों के अंगूठे का पोर थोड़ा अंदर की ओर दबा होता है वे काफी तेज होते हैं। वे हर बात को गंभीरता से लेते हैं।

हाथ में हो ये योग तो खुद चली आती हैं सुख-सुविधाएं

अंगूठे का तीसरा पोर शुक्र पर्वत का स्थान माना जाता है। यदि यह पोर अच्छी तरह उभरने के साथ ही गुलाबी रंगत में है तो इसका मतलब है ऐसे लोग प्‍यार में है। जिन लोगों के पोर अधिक उभरा हुआ होता है। वे कामुक होते हैं। हालांकि अगर ऐसे मौके पर उसकी लाइफ में कोई परेशानी भी आती है तो वह उन्‍हें झेल लेता है।

(इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं तथा इन्हें अपनाने से अपेक्षित परिणाम मिलेगा। ये जानकारियां धार्मिक आस्थाओं और लौकिक मान्यताओं  पर आधारित हैं, जिसे मात्र सामान्य जनरुचि को ध्यान में रखकर प्रस्तुत किया  गया है।)

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