जींद : हरियाणा के शिक्षा मंत्री रामबिलास शर्मा का कहना है कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी अपने सहयोगियों का खासा ख्याल रखते थे। उनकी हर परेशानी को दूर करने के लिए तत्पर रहते थे। कई बार ऐसा भी हुआ कि सहयोगी ने सामान्य तौर पर उनके सामने परेशानी का जिक्र किया और उन्होंने उसे बिना बताए ही हल कर दिया। 1980 के दशक में प्रचार के दौरान रामबिलास शर्मा की मुश्किलों को देखते हुए वाजपेयी जी ने बिना बताए उन्हें अपनी जीप भेंट कर दी थी।

शर्मा के अनुसार वर्ष 1980 के दशक में वाजपेयी का ‘थैली भेंट’ कार्यक्रम चल रहा था। भाजपा के संगठन की मजबूती के लिए लोगों से चंदा एकत्रित किया जा रहा था। 20 अक्टूबर 1980 को वाजपेयी ने रेवाड़ी के मोती चौक, नारनौल की आईटीआई और महेंद्रगढ़ शहर में एक साथ तीन रैलियां कीं। रेवाड़ी में रैली के संयोजक ओ.पी. ग्रोवर और नारनौल रैली के संयोजक मुकुट बिहारी ने 22-22 हजार रुपये की थैलियां वाजपेयी को दीं। वहीं रामबिलास शर्मा ने महेंद्रगढ़ से एक लाख रुपये की थैली वाजपेयी को भेंट की थी। रैली के बाद वाजपेयी ने रामबिलास के कार्यालय का भी दौरा किया।

अटल ने यूपी को बनाया अपना राजनीतिक कर्मभूमि

कार्यालय में बातचीत के दौरान वाजपेयी ने जब रामबिलास से पूछा तो उन्होंने बताया कि वह मोटरसाइकिल से ही पार्टी का प्रचार करते हैं। वाजपेयी उस समय तो कुछ नहीं बोले, लेकिन तीन दिन बाद उन्होंने अपनी निजी जीप रामबिलास के लिए भेज दी। इस जीप का नंबर यूपी क्यू-2056 था। रामबिलास वर्षों तक हरियाणा में संघ प्रचारक के रूप में इसी जीप से सफर करते रहे।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here