इस्लामाबाद : भारत के पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के निधन ने न सिर्फ भारत को शोकग्रस्त किया है बल्कि पाकिस्तान में भी उन्हें याद किया जा रहा है। पाकिस्तानी पत्रकारों और राजनेताओं ने गुरुवार को अटल बिहारी वाजपेयी की मौत को लेकर शोक व्यक्त किया और दोनों देशों के बीच शांति स्थापित करने के उनके प्रयासों को याद किया।

‘डॉन न्यूज’ के मुताबिक, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री बनने जा रहे इमरान खान ने उपमहाद्वीप के इतने बड़े राजनेता के निधन पर अत्याधिक शोक व्यक्त किया और कहा कि वह भारत के इस दुख के क्षण में उसके साथ हैं।

पीटीआई प्रमुख ने वाजपेयी के दोस्ती बढ़ाने के प्रयासों को याद करते हुए कहा, ‘अटल बिहारी वाजपेयी के निधन से दक्षिण एशिया की राजनीति में एक बहुत बड़ी जगह खाली हो गई है।’

पत्रकार से राजनेता बने सेनेटर मुशाहिद हुसैन सैयद ने वाजपेयी के निधन को अपूरणीय क्षति करार देते हुए कहा, ‘वह शांति के प्रतीक थे जिन्होंने पाकिस्तान के साथ रिश्ते सुधारने की कोशिश की।’

बिलावल भुट्टो के मीडिया कंसलटेंट और पत्रकार ऊमर कुरैशी बतातेहैं कि वाजपेयी को कैसे पाकिस्तान में भी पसंद किया जाता था। कुरैशी ने ट्वीट किया, ‘बीजेपी से होने के बावजूद, अटल बिहारी वाजपेयी पाकिस्तान में भी पसंद किए जाते थे। क्योंकि वह खुद दोस्ती बस में सफर कर के लाहौर आए थे।’

पत्रकार मेहर तरार ने भी अटल बिहारी वाजपेयी के लाहौर तक बस में सफर करने के मौके को याद करते हुए श्रद्धांजलि दी।

पीटीआई के प्रवक्ता फवाद चौधरी ने ट्वीट किया, ‘एक दिग्गज चले गए, उनकी राजनीति भले विवादित रही लेकिन शांति की उनकी इच्छा एक करने वाली थी।’

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