नई दिल्ली : अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में पिछले 9 हफ्ते से भर्ती पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का गुरुवार को निधन हो गया. एम्‍स द्वारा जारी मेडिकल बुलेटिन में यह जानकारी दी गई. अटल जी के निधन पर सात दिन (16 से 22 अगस्‍त) का राजकीय शोक घोषित किया गया है. आज रात अटल जी का पार्थिव शरीर उनके कृष्‍ण मेनन स्थित आवास पर रखा जाएगा, जिसके बाद उनके पार्थिव शरीर को अंतिम दर्शनों के लिए कल सुबह नौ बजे भाजपा मुख्‍यालय लाया जाएगा. कल दोपहर 1 बजे बीजेपी मुख्‍यालय से स्‍मृति स्‍थल तक उनकी अंतिम यात्रा निकाली जाएगी और शाम 4 बजे उनका अंतिम संस्‍कार राष्ट्रीय स्मारक स्थल पर किया जाएगा.

अटल जी का पार्थिव शरीर गुरुवार की रात को उनके निवास स्थान 6 कृष्णा मेनन मार्ग पर अंतिम दर्शनों के लिए रखा गया है. अमित शाह ने बताया कि कल सुबह 07.30 बजे से 08.30 बजे तक अटल जी निवास पर उनके अंतिम दर्शन किए जा सकेंगे.

शुक्रवार की सुबह 9 बजे से दोपहर 1 बजे तक अटल जी के पार्थिव शरीर को बीजेपी मुख्यालय 6 दीन दयाल उपाध्याय मार्ग पर अंतिम दर्शनों के लिए रखा जाएगा. एक बजे के बाद अंतिम यात्रा निकाली जाएगी और शाम चार बजे विजय घाट के पास राष्ट्रीय स्मारक स्थल पर अतिंम संस्कार होगा.

कृष्णा मेनन मार्ग पर अटल जी के अंतिम दर्शन के लिए तमाम नेताओं का तांता लगा हुआ है. उनके अंतिम दर्शन के लिए राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, बीजेपी के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी, केंद्रीय मंत्री राजनाथ सिंह, सुषमा स्वराज समेत तमाम प्रदेशों के मुख्यमंत्री और नेतागण कृष्णा मेनन मार्ग गए और उन्हें अपनी श्रद्धांजलि दी.

पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी, पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, संप्रग अध्यक्ष सोनिया गांधी, लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने भी उन्हें अपने श्रद्धासुमन अर्पित किए.

बता दें एम्‍स की तरफ से जारी मेडिकल बुलेटिन में कहा गया, ‘हमें यह सूचना देते हुए गहरा दुख हो रहा है कि आज (16 अगस्त, 2018) शाम 5.05 बजे भारत के पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी नहीं रहे. श्री वाजपेयी को एम्स में 11 जून, 2018 को एडमिट कराया गया था. पिछले 9 हफ्ते से उनका स्वास्थ्य स्थिर था और एम्स के डॉक्टरों की एक टीम उनकी देखभाल में लगी हुई थी. दुर्भाग्यवश, पिछले 36 घंटों में उनकी हालत बिगड़ गई और उनको लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर रखा गया था, लेकिन अथक प्रयासों के बावजूद हमने आज उन्हें खो दिया. इस दुख की घड़ी में हम देश के साथ हैं.’ अटल जी का पार्थिव शरीर एम्‍स से कृष्‍ण मेनन मार्ग स्थित उनके आवास पर ले जाया जाएगा.

अटल जी के निधन के बाद बीजेपी मुख्‍यालय में झंडा झुका दिया गया. वहीं, अटल जी के स्‍मारक पर विजय घाट के करीब पर डेढ़ एकड़ जमीन आवंटित की गई है. एमसीडी आयुक्‍त ने विजय घाट का मुआयना किया.

पीएम नरेंद्र मोदी ने अटल बिहारी वाजपेयी के निधन पर गहरा शोक जताया. उन्‍होंने ट्विटर पर लिखा, मैं नि:शब्द हूं, शून्य में हूं, लेकिन भावनाओं का ज्वार उमड़ रहा है. हम सभी के श्रद्धेय अटल जी हमारे बीच नहीं रहे. अपने जीवन का प्रत्येक पल उन्होंने राष्ट्र को समर्पित कर दिया था. उनका जाना, एक युग का अंत है.

इससे पहले पीएम मोदी एम्‍स पहुंचे, जिसके बाद पीएम मोदी एम्‍स से रवाना हो गए. वहीं, भाजपा अध्‍यक्ष अमित शाह के अलावा कई मंत्रियों और नेता एम्‍स में मौजूद हैं. स्‍वास्‍थ्‍य मंत्री जेपी नड्डा ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि अटल जी की हालत गंभीर हैं और उनके स्‍वास्‍थ्‍य को ठीक करने के लिए डॉक्‍टर पूरी ताकत से काम कर रहे हैं. अटलजी की हर तरह से देखभाल की जा रही है.

हीं, एम्‍स से कृष्‍णा मेनन मार्ग तक का रास्‍ता खाली करा दिया गया है. इससे पहले दोपहर करीब पौने चार बजे स्‍वास्‍थ्‍य मंत्री जेपी नड्डा ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि अटल जी की हालत गंभीर हैं और उनके स्‍वास्‍थ्‍य को ठीक करने के लिए डॉक्‍टर पूरी ताकत से काम कर रहे हैं. अटलजी की हर तरह से देखभाल की जा रही है. कांग्रेस अध्‍यक्ष राहुल गांधी भी एम्‍स में अटल बिहारी वाजपेयी का हालचाल जानने के लिए एम्‍स पहुंचे.

वहीं, दोपहर करीब 11 बजे के बाद फारुक अब्‍दुल्‍ला, अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया भी अटल बिहारी वाजपेयी का हालचाल जानने के लिए एम्‍स पहुंचे थे. इससे पहले गुरुवार सुबह करीब साढ़े दस बजे अचानक एम्‍स के बाहर से भीड़ को हटा दिया गया था और मीडियाकर्मियों को एम्‍स के अंदर आने के लिए कह दिया गया. एम्‍स के बाहर से पुलिस की तरफ से गाडि़यों को हटा दिया गया. सबसे पहले अटलजी के स्‍वास्‍थ्‍य की जानकारी प्रधानमंत्री कार्यालय को दी गई. उधर, बीजेपी ने अपने आज के सभी कार्यक्रम रद्द कर दिए हैं. वहीं, कृष्‍णा मेनन मार्ग स्थित वाजपेयी के आवास पर उनका परिवार और रिश्‍तेदार मौजूद हैं. दिल्‍ली पुलिस के आला अफसर उनके घर पहुंचे हैं. यहां भी सुरक्षा कड़ी रखी गई है.

अटल बिहारी वाजपेयी की तबियत बुधवार को ज्‍यादा बिगड़ गई थी. एम्‍स की तरफ से बुधवार रात को जारी मेडिकल बुलेटिन में बताया गया था कि पिछले 24 घंटों में पूर्व प्रधानमंत्री की तबियत ज्‍यादा बिगड़ गई थी और उन्‍हें लाइफ सपोर्ट सिस्‍टम पर रखा गया था. उनकी यूरिन इंफेक्‍शन और सांस लेने में तकलीफ की समस्‍या बढ़ गई थी. अटल बिहारी वाजपेयी के बेहद खराब स्‍वास्‍थ्‍य के चलते एम्‍स में सुबह से ही अमित शाह, राजनाथ सिंह समेत जेपी नड्डा, प्रकाश जावड़ेकर, विजय गोयल और अन्‍य कई बड़े नेता एम्‍स में मौजूद रहे.

सुबह करीब 8.50 बजे बीजेपी अध्‍यक्ष अमित शाह वाजपेयी का हालचाल जानने के लिए एम्‍स पहुंचे थे. उनसे पहले गुरुवार सुबह उप राष्‍ट्रपति वेंकैया नायडू एम्‍स पहुंचे और उन्‍होंने पूर्व पीएम का हालचाल जाना.

इससे पहले बुधवार रात को ही पूर्व पीएम की तबियत ज्‍यादा बिगड़ने की खबर मिलने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं अन्‍य केंद्रीय मंत्री और नेता उनका हालचाल जानने के लिए एम्‍स पहुंचे. उनके अलावा एम्‍स के बाहर वाजपेयी के समर्थकों का जमावड़ा लगा रहा. लिहाजा अस्‍पताल के भीतर और बाहर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए.

दरअसल, गुर्दा नली में संक्रमण, छाती में जकड़न, मूत्रनली में संक्रमण की शिकायत के बाद अटल बिहारी वाजपेयी को बीते 11 जून को एम्स में भर्ती कराया गया था. 93 वर्षीय वाजपेयी मधुमेह के शिकार थे और उनका एक ही गुर्दा काम करता था. एम्स के निदेशक डॉ. रणदीप गुलेरिया ने बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को वाजपेयी के स्वास्थ्य की जानकारी दी थी. डॉ. गुलेरिया के नेतृत्व में वरिष्ठ डॉक्टरों की एक टीम उनके स्वास्थ्य की देखरेख कर रही है. डॉ. गुलेरिया पिछले 30 वर्षों से वाजपेयी के स्वास्थ्य की देखभाल कर रहे हैं. वाजपेयी काफी समय से बीमार चल रहे हैं.

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