स्काॅलर्ज़ पब्लिक स्कूल, राजपुरा ने हर्षोल्लास के साथ मनाई वैसाखी
 

 

आई वैसाखी फसलां दाखी
फसलां दी हुण मुक गई राखी।
वजदे ढोल लगदे मेले,
हर किसान खुशियाँ पेले।।

 

राजपुरा: स्काॅलर्ज़ पब्लिक स्कूल राजपुरा ने वैसाखी का त्योहार बड़ी धूमधाम के साथ मनाया। सर्वप्रथम विद्यार्थियों ने इसका ऐतिहासिक महत्व बताया कि वैसाखी पर फसल पक कर तैयार होती है, किसान की खून-पसीना एक कर के की गई मेहनत रंग दिखाती है। इसी दिन सिखों के दसवें गुरू दशमेश पिता श्री गुरू गोबिन्द सिंह जी ने आनन्दपुर के केसगढ़ गुरूद्वारे में ‘‘पाँच प्यारे’’ साजे। पंजाबी संस्कृति को दर्शाती चरखा, फुलकारी, पींघ से संबंधित गिद्दे की बोलियों और उसकी ताल पर थिरकती कक्षा पाँच की छोटी-छोटी मुटियार कुड़ियों ने सबका मन मोह लिया। गुरमन्दिर एवं रघुवंश ने इस अवसर पर अपने पंजाबी विरसे की याद करते हुए सरताज का गीत ‘‘वैसाखी वाला मेला’’ गाकर सबको मंत्रमुग्ध कर दिया।
 
जहाँ कक्षा आठवीं कक्षा के छात्रों ने ‘‘जटा आई वैसाखी’’ पर समूह गान प्रस्तुत किया वहीं कक्षा छठी एवं सातवीं के बच्चों द्वारा ‘‘सोहणे देश पंजाब तो मैं सदके जावां’’ पर भांगड़ा डाल कर सबमें जोश भर दिया।
 
इस अवसर पर स्कूल के डायरेक्टर श्री तरसेम लाल जोशी जी व प्रधानाचार्या श्रीमती सुदेश जोशी जी ने वैसाखी की सबको बधाई दी और बच्चों को पंजाब के अमूल्य तीज-त्योहारों के साथ जुड़कर उसका हिस्सा बनने के लिए प्रेरित किया।
 
लगदे रहण मेले, पैंदीयाँ रहण पींघा।

 

पूरियाँ करे रब्ब, सब दीयाँ रीझां।।
 

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